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सुबह सुबह की धूप वरदान स्वरूप

रोजाना धूप लेने के एक नहीं अनेक फायदे

सुबह सुबह की धूप वरदान स्वरूप

रोजाना धूप लेने के एक नहीं अनेक फायदे!👇

मौसम चाहे कोई भी हो, गर्मी सर्दी बारिश का,मगर सूरज से मिलने वाली धूप का हमारी सेहत पर खास असर होता है। और जब मौसम हो ठंड का तब तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि कंपकंपाते इस मौसम में शरीर को खास गर्माहट मिलती है। लेकिन सबके मन में एक सवाल तो उठता है कि धूप का बेहतर लाभ कैसे पाएं और साथ ही इसके नुकसान से बचने के लिए क्या क्या किया जाए!!!! कई ऐसे तमाम सवालों के बारे में हम आज यहां पर जानेंगे।

आपने तो सुना ही होगा कि सूरज की रोशनी में ऐसे ऐसे चमत्कारी गुण होते हैं, जिनके कारण शरीर पर अलग अलग प्रकार के संक्रमणों के असर की आशंका/संभावना कम हो जाती है। धूप के सेवन से/धूप में बैठने से शरीर में श्वेत रक्त कणों का भरपूर निर्माण होता है, जो रोग पैदा करने वाले कारकों से लड़ने का काम करते हैं और आपको चुस्त-दुरुस्त-तंदुरुस्त रखते हैं। आपको एक स्वस्थ आयुष्य प्रदान करते हैं।

सूर्य की किरणें रोगनिवारक होती हैं, जिनके सेवन से आपका शरीर अनेक तरह के रोगों से सुरक्षित रहता है।

धूप से विटामिन-डी

हमे धूप से विटामिन-डी मिलता है।👇

विटामिन-डी शरीर में हड्डियों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। इस विटामिन का बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत सूर्य की रोशनी ही है। शरीर में उचित मात्रा में विटामिन-डी मौजूद होने पर कैल्शियम भी शरीर को लगता है और लाभ देता है।

अब हम देखते हैं कौन कौन से रोगों में ये सुबह की धूप हमें बचाने का महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

कैंसर से बचाव का योगदान!!!👇

सूरज की किरणों में एंटी कैंसर तत्व होते हैं जिससे कैंसर का खतरा लगभग ही टलता है। जिन्हें कैंसर है, उन्हें धूप में थोड़ी देर बैठने से बीमारी में आराम महसूस होता है। वैज्ञानिक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जहां धूप कम समय के लिए होती है या जो लोग धूप में कम समय बिताते हैं, उन्हें कैंसर होने की आशंका ज्यादा होती है। इसलिए जितना हो सके कैंसर पेशंट को सुबह की धूप लेनी चाहिए।

कैंसर से बचाव का योगदान

धूप हमारे शरीर के रक्त संचरण को भी सुधरती है।👇

ब्लड सर्कुलेशन सही और अच्छी तरह से काम करे, इसके लिए शरीर में गर्मी या ऊर्जा की जरूरत होती है। गर्मी मिलने से धमनियों में सिकुड़न नहीं होती। और इस तरह हमारे शरीर की रक्त संचरण प्रकिया सुव्यवस्थित चलती है।

प्रयाप्त धूप मिलने से शरीर का हाजमा भी ठीक रहता है। हाजमे का काम हमारे शरीर में मौजूद जठराग्नि द्वारा होता है। पर्याप्त मात्रा में सूर्य की गर्मी लेने से जठराग्नि अधिक सक्रिय होती है और भोजन अच्छी तरह से पच जाता है। जिस से हाजमे की परेशानी से हमें छुटकारा मिलता है।

धूप से हमें शारीरिक शक्ति भी मिलती हैं👇

जब खाया हुआ खाना अच्छी तरह से पचेगा और खाया हुआ खाना हमारे शरीर को लगेगा, तो धातुओं के पुष्ट होने से शरीर में ओज का निर्माण होगा और हमारी शरारिक ताकत शक्ति बल बनी रहेगी।

धूप सेंकने से डिप्रेशन भी दूर होता है।👇

पर्याप्त मात्रा में धूप न मिलने की वजह से शरीर में सेरोटोनिन नामक हार्मोन की मात्रा कम हो जाता है। जिससे डिप्रेशन की आशंका बढ़ जाती है। अगर हमारे शरीर को पूरी धूप मिलेे टी सेरोटोनिन पूरी मात्रा में बनता है और मानसिक स्थिति ठीक रहती है। धूप सेंकने से मूड भी अच्छा होता है, क्योंकि धूप से सेरोटोनिन व एंडोर्फिन की उचित मात्रा बनती है और ये हार्मोन हैप्पीनेस पैदा करने के अलावा मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सेहत को चुस्त दुरुस्त रखते हैं। यह बॉडी क्लॉक रिद्म को संतुलित रखने में सहायक साबित होती है। धूप सेंकने से नींद की समस्या भी लगभग दूर होती है, क्योंकि धूप का सीधा असर हमारे पीनियल ग्लैंड पर होता है। यह ग्लैंड शरीर में मेलाटोनिन नामक हार्मोन बनाता है, जो नींद की गुणवत्ता को तय करता है और हमारी नींद सुधारता है।

अब कुछ रोचक बातें धूप की जिसे अवश्य जानना चाहिए👇

सूर्य ऊष्मा का स्रोत है, ये तो हम सब जानते है लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, धूप के संपर्क में अधिक देर तक रहने पर शरीर में पित्त की वृद्धि होने लगती है, जिसे अतियोग कहा जाता है। धूप से उचित लाभ/फायदा लेने के लिए सप्ताह में कम-से-कम 3-4 बार सुबह या शाम के समय 25 से 30 मिनट गुनगुनी धूप में बैठना अच्छा माना जाता है।

सुबह का समय ज्यादातर कफ बनाने वाला माना जाता है। इसलिए अच्छा होगा अगर 10 बजे के बाद धूप में बैठें। वृद्धावस्था में वातदोष की प्रधानता देखने मिलती है और शाम के समय वायु दोष स्वभावत: बढ़ा हुआ रहता है। इसलिए खासकर बुजुर्गों को दोपहर के समय धूप का लाभ लेना ज्यादा फायदेकरक साबित होगा।

सामान्य रंग वाले लोग 30से35 मिनट, गोरे रंग वाले 15से20 मिनट और सांवले या काले रंग वाले लोग 25से30 मिनट से अधिक धूप सेवन कर सकते हैं।

साथ ही ये भी याद रखना होगा कि ज्यादा देर धूप में बैठने से कई सारे नुकसान भी होते है।

लम्बे समय तक धूप में बैठने से पिग्मेंटेशन, स्किन एलर्जी, स्किन कैंसर, दाग-धब्बे, एजिंग इफेक्ट, कालापन, डीहाइड्रेशन, आंखों की परेशानी आदि होने की आशंका बढ़ जाती है।

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धूप में अधिक देर रहने से त्वचा/शरीर के तापमान, त्वचा के रंग, कांति आदि को नियंत्रित करने वाले तत्वों को भी नुकसान होता है। इससे कील-मुहांसे, अधिक पसीना आना, खुजली, एक्जिमा, वर्ण की विकृति जैसी त्वचा संबंधी अनेक समस्याएं/रोग भी हो सकते हैं।

अब हमारे हाथ में है धूप का सही इस्तेमाल करना|

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